ईरान के उत्तर पश्चिमी प्रदेश अरोमिया में एक पॉप ने कहा है कि ईरान धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिये सबसे ज़्यादा शांतिपूर्ण जगह है। दारयूश अज़ीज़यान नें आज इरना से बातचीत में ईरान के ख़िलाफ़ मानवाधिकार के हवाले से जारी की गई रिपोर्ट की आलोचना करते हुए कहा कि दुश्मन के झूठे प्रोपेगंडों का उद्देश्य क़ौमों के बीच मतभेद पैदा करना है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से उनकी यह साज़िशें नाकाम हो रही हैं और जब वह अपनी साज़िशों को नाकाम होता देखते हैं तो ईरान में मानवाधिकार का मामला उठा देते हैं। उन्होंने कहा कि ईरान पर ऐसी स्थिति में मानवाधिकार के उल्लंघन के आरोप लगाए जा रहे हैं जबकि बहुत से देशों में बहुत से संगठन हौलनाक अपराध कर रहे हैं और सैंकड़ों लोगों का नरसंहार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी देश ईरान की तरह अल्पसंख्यकों के अधिकारों का ध्यान नहीं रखता है, यहाँ तक कि मानवाधिकार के दावेदार देशों में भी पादरियों को कलीसा के कपड़ों में आने जाने की अनुमति नहीं है। उन्होंने नें कहा कि ईरान में अल्पसंख्यकों को अपने धार्मिक कामों को करने की पूरी आज़ादी है। स्पष्ट रहे कि संयुक्त राष्ट्र नें पिछले दिनों ही ईरान में मानवाधिकार की स्थिति के बारे में रिपोर्ट दी थी जिसमें ईरान पर बेबुनियाद आरोप लगाए गए थे।
16 मार्च 2014 - 20:30
समाचार कोड: 514318
ईरान के उत्तर पश्चिमी प्रदेश अरोमिया में एक पॉप ने कहा है कि ईरान धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिये सबसे ज़्यादा शांतिपूर्ण जगह है